सीएम नीतीश कुमार के खिलाफ जीतन राम मांझी धरना पर बैठ गए हैं. उन्होंने सीएम पर दलितों का अपमान करने का आरोप लगाया है. जीतन राम मांझी का कहना है कि सीएम नीतीश कुमार जब तक इस्तीफा नहीं देंगे, तब तक वे धरना पर बैठे रहेंगे. गुरुवार को सदन में सीएम ने जीतन राम मांझी को खूब खरी खोटी सुनाई थी.
शुक्रवार को सत्ताधारी दल और विपक्ष दोनों की ओर से धरना दिया जा रहा है. विधानसभा पोर्टिको में सत्ताधारी दल के विधायक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ धरना दे रहे हैं. दूसरी ओर एनडीए के नेता जीतन राम मांझी के साथ धरने पर बैठ गए हैं. इस दौरान नीतीश कुमार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई. बीजेपी के नेताओं ने नीतीश कुमार पर दलितों का अपमान करने का आरोप लगाया है.
दरअसल गुरुवार को विधानसभा शीतकालीन सत्र में खूब हंगामा हुआ था. इस दौरान सीएम नीतीश कुमार ने पूर्व सीएम जीतन राम मांझी को खूब खरी खोटी सुनाई थी. उन्होंने जीतन राम मांझी को मूर्ख तक कह दिया था. नीतीश कुमार ने कहा था कि उन्होंने अपनी मूर्खता के कारण जीतन राम मांझी को सीएम बनाया था.
बता दें पांच दिवसीय बिहार विधानसभा शीतकालीन सत्र हंगामेदार रहा. पहले दिन ही जातीय जनगणना रिपोर्ट पेश करने की मांग को लेकर हंगामा होने लगा था. दूसरे दिन जातीय सर्वे रिपोर्ट पेश की गई, लेकिन सीएम नीतीश कुमार के बयान को लेकर हंगामा होने लगा. तीसरे दिन हंगामों के बीच बिहार सरकार की ओर से आरक्षण बढ़ाया गया. चौथे दिन सत्र शुरू ही हुआ था कि जीतन राम मांझी और सीएम नीतीश कुमार के बीच बयानी जंग होने लगी, जिस कारण सदन स्थगित करना पड़ा. शुक्रवार को आखिरी दिन दोनों दल के विधायक धरना पर बैठ गए हैं.