बिहार विधानसभा में मंगलवार को जातीय जनगणना की रिपोर्ट पेश होने के बाद नीतीश कुमार ने ऐलान किया था कि बिहार में आरक्षण की सीमा बढ़ाई जाएंगी. नीतीश के ऐलान के कुछ घंटे बाद ही कैबिनेट की बैठक हुई और उसमें आरक्षण की सीमा बढ़ाने का प्रस्ताव पास कर दिया गया. बिहार सरकार के मंत्रिमंडल ने प्रदेश में आरक्षण की सीमा बढ़ाए जाने को मंजूरी दी है. मंगलवार की शाम हुई नीतीश कैबिनेट की बैठक में आरक्षण बढ़ाये जाने के प्रस्ताव पर मुहर लगी. अब सरकार 9 नवंबर को बिहार विधानमंडल में आरक्षण बढ़ाए जाने का बिल पेश करेगी.
नीतीश कैबिनेट की बैठक में कई एजेंडों पर मुहर लगी है. इसके तहत बिहार में आरक्षण का दायरा 75 प्रतिशत तक बढ़ाने को सबसे पहले मंजूरी दी गई. नीतीश कैबिनेट से पास बिल के तहत ओबीसी को 18%, EBC को 25%, SC को 20% और एसटी को 2% का आरक्षण मिलेगा. आगामी 9 नवंबर को सदन के पटल से इस विधेयक को पारित कराया जाएगा.
आपको बता दें कि पिछड़ा, अतिपिछड़ा, एससी-एसटी के आरक्षण के साथ ईडब्ल्यूएस कोटा को जोड़ कर बिहार में 75 प्रतिशत आरक्षण का दायरा किया गया है. इसके अलावा कैबिनेट ने सतत जीविकोपार्जन योजना राशि में इजाफा करने को भी अपनी मंजूरी दी है.