भारत का यूपीआई लगातार नए रिकार्ड कायम कर रहा है. तो वहीं अब ताजा आंकड़े के अनुसार, बीते अक्टूबर महीने में देश में कुल 17.16 लाख करोड़ रुपये की वैल्यू के रिकॉर्ड ट्रांजैक्शन UPI से किए गए. नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) के इन आंकड़ों के अनुसार, पिछले महीने 1,141 करोड़ से भी ज्यादा ट्रांजैक्शन किए गए. यह लगातार तीसरा महीना है जब 1000 करोड़ से ज्यादा ट्रांजैक्शन किए यूपीआई द्वारा किए गए हैं.
पिछले महीने के आंकड़ों की बात करें तो एनपीसीआई के अनुसार, सितंबर में, UPI ने 15.8 लाख करोड़ रुपये के 1,056 करोड़ ट्रांजैक्शन किए थे. इसी तरह, यूपीआई ने अगस्त महीने के दौरान 1,024 करोड़ लेनदेन किए और ट्रांजैक्शन का मूल्य 15.18 लाख करोड़ रुपये था. जुलाई में यूपीआई प्लेटफॉर्म पर 996 करोड़ ट्रांजेक्शन हुए थे.
ग्राहक हो या विक्रेता दोनों इसका रिकार्ड तोड़ प्रयोग कर रहे हैं. दरअसल अलग-अलग यूपीआई-बेस्ड थर्ड पार्टी पेमेंट ऐप्स द्वारा ज्यादा एक्सेस के कारण इसे अपनाने में ज्यादा आसानी हो रही है और यही कारण है कि लगातार ऑनलाइन ट्रांसेक्शन में बढ़ोतरी हुई है.
वहीं अगर कुछ साल पहले के आंकड़ों पर नजर डालें तो वित्त वर्ष 2013 में, यूपीआई प्लेटफॉर्म ने 139 लाख करोड़ रुपये के कुल 8,376 करोड़ ट्रांजैक्शन दर्ज किए थे, जबकि वित्त वर्ष 2012 में 84 लाख करोड़ रुपये के 4,597 करोड़ के ट्रांसेक्शन हुए थे. जबकि एनपीसीआई अगले दो से तीन सालों के अंदर हर महीने लगभग 30 बिलियन ट्रांजैक्शन या हर रोज एक बिलियन लेनदेन का टारगेट बना रहा है.
पीडब्ल्यूसी इंडिया की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि वित्त वर्ष 2027 तक यूपीआई ट्रांजैक्शन प्रति दिन 100 करोड़ लेनदेन तक पहुंच सकता है, जो अगले पांच सालों में कुल ट्रांजैक्शन क्वांटिटी का 90 प्रतिशत हिस्सा लेकर यूपीआई को खुदरा डिजिटल पेमेंट परिदृश्य पर हावी होने का अनुमान लगाता है.