भारतीय नौसेना की
क्षमताओं को ताकत देने के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा निर्णय किया है. इसके लिए
केंद्र सरकार ने 20 हजार करोड़ रुपये के कॉन्ट्रैक्ट को अप्रूव कर दिया है. रक्षा
क्षेत्र में ‘मेक इन इंडिया‘ मिशन के प्रति अपनी
प्रतिबद्धता के अनुरूप, केंद्र सरकार ने भारतीय नौसेना के लिए पांच
बेड़ा समर्थक जहाज के निर्माण को मंजूरी दी है.
समाचार एजेंसी
एएनआई की रिपोर्ट के अनुसार फ्लीट सपोर्ट शिप के कॉन्ट्रैक्ट को फाइनल क्लियरेंस
केंद्र सरकार की हाई लेवल बैठक में मिली है. पांचों फ्लीट सपोर्ट शिप का निर्माण
विशाखापत्तन में हिंदुस्तान शिपयार्ड लिमिटेड द्वारा कई भारतीय निजी क्षेत्र के
छोटे और मध्यम उद्यमों के सहयोग से किया जाएगा.
युद्धपोतों की
मदद में बेड़ा समर्थक जहाज यानी फ्लीट सपोर्ट शिप बेहद कारगर होंगे. ये शिप
युद्धपोतों को भोजन, ईंधन और गोला-बारूद मुहैया कराने में मदद
करेंगे. इसके साथ ही इस परियोजना से लंबी अवधि के लिए हजारों नई नौकरियां पैदा
होंगी और परियोजना से जुड़े उद्योगों की क्षमताओं को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है.
बता दें कि 2014
में प्रपोज किए गए फ्लीट सपोर्ट शिप प्रोजेक्ट को लगभग नौ वर्षों बाद अप्रूवल मिला
है. प्रोजेक्ट के क्लियरेंस में देरी की दो प्रमुख वजहें हैं एचएसएल और कोरियाई
डिजाइन कंसल्टेंट हुंडई हैवी इंडस्ट्रीज के बीच मतभेदों और तुर्की की कंपनी
टीएआईएस क्योंकि आर्टिकल 370 की समाप्ति के बाद तुर्की ने विरोधी स्टैंड लिया था. लेकिन अब इस प्रोजेक्ट को भारत की कंपनियां
मिलकर पूरा करेगी.
इस प्रोजेक्ट को
मंजूरी मिलने के बाद हिंदुस्तान शिपयार्ड लिमिटेड को अगले 8 साल के अंदर इन जहाजों
का निर्माण करके नेवी को दिए जाने का लक्ष्य रखा गया है. इनमें से हर जहाज का वजन
लगभग 45,000 टन होगा. इनके निर्माण से आत्मनिर्भर भारत अभियान को भी
और ज्यादा मजबूती मिलने जा रही है.