नई दिल्ली/पटना: लोकसभा में वक्फ संशोधन विधेयक पारित होने के बाद जदयू में भूचाल आ गया है. पार्टी के चार नेताओं ने सार्वजनिक तौर पर इस्तीफा दे दिया है. इन नेताओं ने पार्टी पर विश्वासघात’ करने का आरोप लगाया है. साथ ही उन्होंने पार्टी से जुड़े होने से इनकार किया है.
इस्तीफा देने वालों में कौन-कौन?
मो. नवाज मलिक – अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के प्रदेश सचिव
कासिम अंसारी – पूर्वी चंपारण से चिकित्सा प्रकोष्ठ अध्यक्ष
शहनवाज़ आलम – अल्पसंख्यक मोर्चा अध्यक्ष
मो. तबरेज़ सिद्दीकी अलीग – अल्पसंख्यक विभाग के प्रदेश महासचिव
क्या बोले इस्तीफा देने वाले नेता?
मो. तबरेज सिद्दीकी अलीग ने कहा कि जदयू ने वक्फ बिल का समर्थन किया. यह धोखा है. 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव में इसका असर दिखेगा.
कासिम अंसारी ने पार्टी के धर्मनिरपेक्ष चेहरे पर सवाल उठाते हुए कहा कि हम जैसे लाखों भारतीय मुसलमानों का भरोसा जदयू से टूट चुका है.
जदयू प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद ने इन नेताओं के दावों को सिरे से खारिज करते हुए कह कि नवाज मलिक (जमुई) और कासिम अंसारी (पूर्वी चंपारण) का पार्टी से कोई लेना-देना नहीं हैं. इन लोगों का पार्टी की किसी आधिकारिक सूची में नाम नहीं है. उन्होंने यह भी कहा कि यह सब केवल राजनीतिक ड्रामा है जिसका सच्चाई से कोई लेना-देना नहीं है.