भागलपुर: भागलपुर के मौलाना सैयद शाह फखरे आलम हसन ने लोकसभा में पेश किए गए वक्फ संशोधन विधेयक पर अफसोस जताते हुए कहा कि यह बिल लोकसभा में पेश कर पारित कर दिया गया है. इसे मुसलमानों के अधिकारों और अल्पसंख्यकों के खिलाफ लाया गया कानून समझा जा रहा है. इससे पूरी मुस्लिम समुदाय असंतोष है.
उन्होंने मुसलमानों की ओर से सभी धर्मनिरपेक्ष सोच रखने वाले राजनीतिक दलों और नेताओं से अपील की कि वे इस मामले को गंभीरता से लें और इस कानून को लागू होने से रोकने के लिए हर संभव कानूनी और लोकतांत्रिक कदम उठाएं. उन्होंने मुसलमानों से अपील करते हुए कहा कि वे विरोध-प्रदर्शन में धैर्य और संयम बनाए रखें और कानूनी दायरे में रहकर अपनी लड़ाई जारी रखें. अल्लाह हर मजलूम का मददगार और सहायक है, और हमें उम्मीद है कि इंशाअल्लाह हक और इंसाफ की जीत होगी.
उन्होंने आगे कहा कि भागलपुर शहर और उसके आसपास के इलाकों में सैकड़ों बीघा वक्फ की जमीन मौजूद है, जिनमें से कई जमीनों पर अवैध कब्जे हो चुके हैं, जबकि कुछ जमीनें पहले ही दूसरों के अधिकार में चली गई हैं. जाहिर है कि इस कानून के लागू होने के बाद, इन कब्जाधारियों को और अधिक कानूनी संरक्षण मिल जाएगा. जबकि सरकार का काम यह होना चाहिए था कि अल्पसंख्यकों को अधिक सुरक्षा प्रदान करने के लिए कानून को मजबूत बनाया जाए, लेकिन इसके उलट ऐसा कानून लाया जा रहा है जिससे वक्फ संपत्तियों की सुरक्षा में और बाधाएं उत्पन्न होंगी. इस स्थिति में मुस्लिम समुदाय को एकजुट होकर कानूनी दायरे में रहकर एक सशक्त और संगठित संघर्ष करना होगा.