पटना: वक्फ संशोधन विधेयक (Waqf Amendment Bill) को लेकर बिहार की राजनीति गरमा गई है. विकासशील इंसान पार्टी (VIP) के प्रमुख और पूर्व मंत्री मुकेश सहनी ने मोदी सरकार नसीहत देते हुए कहा कि भाजपा तोड़ने की नहीं, बल्कि जोड़ने की राजनीति करें.
मुकेश सहनी ने केंद्र सरकार को घेरा
मुकेश सहनी ने कहा कि मोदी सरकार इस विधेयक के जरिए ध्रुवीकरण की राजनीति कर रही है और महंगाई और बेरोजगारी जैसे असली मुद्दों से ध्यान हटाने की कोशिश कर रही है. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार समाज में भाई को भाई से लड़ाने की रणनीति अपना रही है. जनता को इस बिल से कोई सीधा लाभ नहीं है, लेकिन इसका इस्तेमाल राजनीतिक फायदे के लिए किया जा रहा है. बिहार की जनता इस बार सांप्रदायिक शक्तियों का अंत कर देगी.
उन्होंने पीएम मोदी को नसीहत देते हुए कहा कि तीसरी बार चुने जाने के बाद उन्हें अब देशहित में काम करने पर अधिक ध्यान देना चाहिए.
‘विपक्ष भ्रम फैला रही है’
केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि वक्फ कानून में पहले भी कई बार संशोधन हुए हैं, लेकिन तब कोई विवाद नहीं हुआ.
आज विपक्ष झूठा प्रचार कर रहा है कि वक्फ संशोधन विधेयक मुसलमान विरोधी है. असल में, यह संशोधन वक्फ संपत्तियों की सुरक्षा और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए किया गया है. उन्होंने कहा कि जो लोग इस बिल को “असंवैधानिक” बता रहे हैं, वे केवल राजनीतिक फायदा उठाने की कोशिश कर रहे हैं.
कांग्रेस ने JDU, LJP(RV) और HAM पर साधा निशाना
बिहार कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राजेश कुमार ने जदयू, लोजपा (रामविलास) और हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा पर हमला बोलते हुए कहा कि इन्होंने मुसलमानों को धोखा दिया है. नीतीश कुमार राज्य के मुख्यमंत्री होने के साथ-साथ जदयू के अध्यक्ष भी हैं. उन्होंने भाजपा के दबाव में आकर वक्फ संशोधन विधेयक का समर्थन किया है. यह बेहद निराशाजनक कदम है.