बांका: बिहार के बांका जिले में डिजिटल शिक्षा प्रणाली को ठेंगा दिखाने वाला एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। जिले के धोरैया प्रखंड स्थित नवसृजित प्राथमिक विद्यालय, बगरोईया की शिक्षिका पूनम कुमारी ने ई-शिक्षा कोष पोर्टल पर ऑनलाइन हाजिरी में गाय, बकरी, आलमारी और खाली कुर्सी की तस्वीरें अपलोड कर फर्जी उपस्थिति दर्ज की.
हाजिरी में जानवरों की तस्वीरें
20 मार्च को सुबह 9:28 बजे गाय और उसके बछड़े की तस्वीर
21 मार्च को सुबह 9:20 बजे आलमारी की फोटो
23 मार्च को बकरी के दो बच्चों की तस्वीर
18 मार्च को खाली कुर्सी की फोटो से हाजिरी
DEO ने मांगा जवाब
जिला शिक्षा पदाधिकारी के प्रभार में कार्यरत डीपीओ संजय कुमार यादव ने बताया कि शिक्षिका पूनम कुमारी से स्पष्टीकरण मांगा गया है. यदि जवाब संतोषजनक नहीं हुआ, तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी. इस तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
क्या है ई-शिक्षा कोष?
ई-शिक्षा कोष एक डिजिटल प्रणाली है, जिसमें शिक्षकों को रोजाना स्कूल पहुंचकर अपनी तस्वीर के साथ स्थान आधारित हाजिरी देनी होती है, ताकि स्कूलों में उपस्थिति सुनिश्चित हो सके.