महाशिवरात्रि से पहले बिहार के बेगूसराय जिले में एक चमत्कारी घटना सामने आई है. स्थानीय लोगों का दावा है कि जमीन से स्वयंभू शिवलिंग प्रकट हुआ है. जैसे ही यह खबर स्थानिय लोगों तक पहुंची वैसे ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु वहां पूजा-अर्चना के लिए उमड़ पड़े.
कैसे हुआ शिवलिंग का पता?
स्थानीय लोगों के अनुसार, जंगल में एक सांप दिखाई देने पर गांववाले उसे खोजने गए. इसी दौरान जमीन के नीचे शिवलिंग होने की जानकारी मिली. गांववालों ने तुरंत वहां पूजा शुरू कर दी, और देखते ही देखते पूरे इलाके में यह खबर आग की तरह फैल गई.
बीती रात जमीन के अंदर से अचानक एक शिवलिंग प्रकट होने की खबर ने पूरे इलाके में सनसनी मचा दी. यह खबर आग की तरह फैल गई, जिसके बाद बड़ी संख्या में लोग वहां पहुंचकर पूजा-अर्चना करने लगे. स्थानीय लोगों का मानना है कि महाशिवरात्रि से ठीक पहले शिवलिंग का प्रकट होना भगवान शिव की कृपा का संकेत है. यह घटना श्रद्धालुओं के लिए किसी दिव्य चमत्कार से कम नहीं मानी जा रही है.
कैसे प्रकट हुआ रहस्यमयी शिवलिंग?
बताया जाता है कि परना गांव निवासी बौकू महतो को रात में एक सांप दिखाई दिया, जिससे गांव में अफरा-तफरी मच गई. ग्रामीण लाठी-डंडा लेकर सांप को मारने निकले, लेकिन सांप जंगल की ओर भाग गया. सांप को भगाने के लिए लोगों ने ईंट-पत्थर फेंके, और इसी दौरान बौकू महतो ने अपनी बरछी (भाला) जंगल में फेंक दी. कुछ देर बाद जब बौकू महतो अपनी बरछी खोजने जंगल में गया, तो अचानक वह गिर गया और बेहोश हो गया. ग्रामीणों को लगा कि शायद सांप ने उसे डस लिया.
बौकू महतो नामक ग्रामीण रात के समय जंगल में गया था, जहां वह बेहोश होकर गिर पड़ा. जब उसके परिजन और अन्य ग्रामीण उसे ढूंढने वहां पहुंचे, तो किसी के पैर के नीचे एक कठोर पत्थर महसूस हुआ. लोगों ने कुदाल से खुदाई शुरू की, और देखते ही देखते वहां से शिवलिंग प्रकट हुआ. शिवलिंग के दिखते ही पूरे इलाके में ‘हर हर महादेव’ के जयघोष गूंजने लगे.