प्रयागराज महाकुम्भ में चल रहे विश्व के सबसे बड़े मेले महाकुम्भ का तीसरा अंतिम अमृत स्नान बसंत पंचमी के दिन प्रातः 4.45 बजे से शुरू हो चुका है. सोमवार की सुबह 8 बजे तक 62.25 लाख से अधिक श्रद्धालु संगम के पावन तट पर आस्था की डुबकी लगाकर अमृत स्नान का पुण्य अर्जित कर चुके हैं. श्रद्धालुओं का जन सैलाब उमड़ रहा है, स्नान जारी है. सुरक्षा के मद्दे नजर भारी पुलिस बल तैनात है, इसके अतिरिक्त ड्रोन कैमरे, सीसीटीवी से लगातार निगरानी की जा रही है.
इस अमृत स्नान को लेकर लगातार उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी अदित्यनाथ पल-पल का अपडेट ले रहे हैं, और व्यवस्थाओं पर नजर बनाए हुए हैं. सरकारी सीएम आवास स्थित वॉर रूम में डीजीपी, प्रमुख सचिव गृह एवं मुख्यमंत्री कार्यालय के अधिकारियों के साथ लगातार मीटिंग्स कर रहे हैं. अपर मेला अधिकारी महाकुम्भ विवेक चतुर्वेदी ने बताया कि महाकुम्भ के तीसरे अंतिम अमृत स्नान बसंत पंचमी के पुण्य अवसर पर संगम के सभी घाटों पर स्नान जारी है. नर—नारी, साधु, संत, नागा सन्यासी, अखाड़े के आचार्य धर्म ध्वजा के साथ अपनी देवता के साथ स्नान कर रहें है.
#WATCH | #MahaKumbhMela2025 | Prayagraj: Flower petals being showered on saints and seers who have gathered for 'Amrit Snan' at the Triveni Sangam on the occasion of Basant Panchami. pic.twitter.com/bk0A3ttMSI
— ANI (@ANI) February 3, 2025
सुबह 8 बजे तक 10 लाख से अधिक कल्पवासी और 52.25 लाख श्रद्धालु अमृत स्नान कर चुके है. इस तरह कुल 62.25 लाख से अधिक श्रद्धालु संगम में आस्था की डुबकी लगा चुकें है. निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार सबसे पहले श्रीपंचायती अखाड़ा महानिर्वाणी और अटल अखाड़ा के साधु-संत पारंपरिक तरीके से भव्य रथों पर सवार होकर गाजे बाजे के साथ प्रातः 4 बजे ध्वज-पताकाएं, बैंड-बाजा के साथ अखाड़े स्नान करने के लिये निकले. आचार्य महामंडलेश्वर व मंडलेश्वर भव्य रथ पर आसीन हैं.
अखाड़े के साधु-संतों और विशेषकर नागा साधुओं का देखने के लिये श्रद्धालु कतारबद्ध खड़े हुए हैं. साधु संतों को देखकर श्रद्धालु उत्साह और उमंग में ‘हर हर महादेव’ का नारा लगाते हैं, तो वायुमण्डल में एक लहर सी दौड़ जाती है. बैड़ बाजों की धुन पर थिरकते, भागते और तरह तरह के करतब करते नागा साधु वातावरण में एक अलग तरीके की ऊर्जा का संचार करते हैं, जिससे वातावरण गुलजार हो जाता है. हर हर महादेव, गंगा मैया की जय के जयकारे रह-रह कर आकाश तक को गूंजा देते हैं.
सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध
29 जनवरी के मौनी अमावस्या के स्नान के दौरान मची भगदड़ में 30 श्रद्धालुओं की मौत के बाद तीसरे अमृत स्नान में मेला प्रशासन सर्तकता बरत रहा है. मेला प्रशासन के तीसरे अमृत स्नान के लिए स्पेशल प्लान बनाया है. इसमें सभी श्रद्धालुओं के लिए वनवे रूट रहेगा. पांटून पुलों पर कोई दिक्कत नहीं आएगी. त्रिवेणी के घाटों पर अत्यधिक दबाव रोकने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल और बैरिकेड तैनात कर दिए गए हैं. इसके साथ ही सुरक्षा व्यवस्था और अधिक कड़ी कर दी गई है. श्रद्धालुओं को संगम या अन्य घाटों तक पहुंचने में दिक्कत ना हो, इसके प्रबंध किए गए हैं. प्रभावी पेट्रोलिंग के लिए 15 मोटर साइकिल दस्ते तैनात किए गए हैं. प्रमुख चौराहों और डायवर्जन प्वाइंट्स के बैरियर पर सीएपीएफ और पीएसी का इंतजाम किया गया है.
श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिहाज से वन वे रूट तैयार किया गया है. इसके अलावा पांटून पुलों पर मेले में आने वाले लोगों को किसी प्रकार की दिक्कत न आने पाए, इसका भी विशेष इंतजाम किया गया है. सबसे खास बात ये है कि त्रिवेणी के घाटों पर अत्यधिक दबाव रोकने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल लगाए जा रहे हैं, जहां वरिष्ठ अधिकारी भी टीम के साथ तैनात रहेंगे. बैरिकेडिंग की संख्या भी बढ़ा दी गई है. संवेदनशील स्थानों पर राजपत्रित अधिकारियों की निगरानी रहेगी. 56 क्विक रिस्पांस टीम (क्यूआरटी) की तैनाती की गई है.
हिंदुस्थान समाचार